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Chinese Lok Kathayen-9/ चीनी लोक कथाएँ-9

कहानी-शीमन पाओ के ये कांउटी का शासन: चीनी लोक कथा

शीमन पाओ ईसा पूर्व पांचवीं शताब्दी का निवासी था। वह दौर चीन में युद्धरत काल था। शीमन पाओ प्रतिभा और योग्यता के लिए राजा द्वारा ये ती ज़िले का जिलाधीश नियुक्त किया गया।

पद संभालने के तुरंत बाद शीमन पाओ ने कुछ जाने-माने स्थानीय वृद्ध व्यक्तियों को बुलाकर जिले की समस्याएं पूछीं। वृद्धों ने उसे बताया कि जिले की प्रजा इस मुसीबत से बुरी तरह परेशान है कि हर साल नदी के जल देवता को दुल्हन के रूप में एक नव युवती भेंट की जाती है।

असल में बात यह थी कि ये ती जिला पीली नदी के किनारे पर बसा था। स्थानीय प्रथा के अनुसार नदी में जल देवता रहता था, उसे हर साल एक नव युवती दुल्हन के रूप में भेंट की जाती थी, वरना देवता नदी में भयंकर बाढ़ ला देगा, जिससे पूरा जिला पानी में जलमग्न हो जाएगा। लम्बे अरसे से जिले के अधिकारी और भूतनी जल देवता के शादी ब्याह की सेवा में बहुत सक्रिय थे और इसके लिए प्रजा से अतिरिक्त कर वसूल करते आए थे, जो धन दौलत मिलती थी, उसे आपस में बांटा जाता था।

वृद्धों के अनुसार हर साल एक निश्चित समय पर जिले की एक बूढ़ी भूतनी विभिन्न जगहों पर गरीब घर की रूपवती लड़की की तलाश करने निकलती है और उसे जल देवता को भेंट करने के लिए चुनती थी। फिर सरकारी अधिकारी मामले को अपने हाथ में ले कर चुनी गई लड़की को जबरन एकांत जगह में बंद करते थे और उसे अच्छे वस्त्र और भोजन देते थे।

दस दिन के बाद जल देवता की शादी का मुहूर्त आता था, उस लड़की को खूबसूरत संजाया संवारा जाता था। पलंग के रूप में एक चटाई तैयार की जाती थी और लड़की उस पर बिठा कर नदी में छोड़ी जाती थी। शुरू-शुरू में चटाई पर बैठी युवती नदी की जल सतह पर तैरती थी, पर थोड़े ही वक्त के बाद वह नदी में डूब जाती थी। भूतनियां इस घड़ी पर अनुष्ठान कर घोषणा करती थी कि जल देवता की शादी संपन्न हो चुकी है और वह अपनी नई दुल्हन से संतुष्ट है।

ये ती जिले के स्थानीय वृद्धों की बातें सुन कर शीमन पाओ कुछ नहीं बोला। इस तरह वृद्धों ने भी उससे खास आशा नहीं बांधी।

जल देवता की शादी का दिन आ गया। खबर पाकर शीमन पाओ अपने सिपाहियों को लेकर पहले ही नदी के किनारे पर आया। कुछ समय बाद जिले के सरकारी अधिकारी, कुलीन वर्ग के लोग और जल देवता के लिए चुनी गई दुल्हन भी नदी के तट पर आए। उनके साथ जो बूढ़ी भूतनी आई, वह 70 साल से अधिक उम्र वाली थी।

तब जाकर शीमन पाओ ने आगे आ कर कहा:“जल देवता की दुल्हन ले आओ, मैं देखना चाहता हूं कि वह सुन्दर है या नहीं।”

दुल्हन के लिए चुनी गई वह नव युवती शीमन पाओ के सामने ला खड़ी की गई। उस पर एक नज़र दौड़ा कर शीमन पाओ ने उपस्थित लोगों से कहा:“यह लड़की खूबसूरत नहीं है और जल देवता की दुल्हन बनने के काबिल नहीं है। लेकिन आज जल देवता की शादी का दिन है, वह इंतजार में अवश्य है, भूतनी को थोड़ा कष्ट उठाना होगा। तुम देवता को यह सूचना देने जाओ कि हम इस लड़की से सुन्दर लड़की ढूंढ़ निकालेंगे, शादी दूसरे दिन होगी।”

कहते हुए शीमन पाओ ने अपने सिपाहियों को उस बूढ़ी भूतनी को नदी में फेंकने का आदेश दिया। थोड़ी देर बाद, शीमन पाओ फिर बोला:“क्या बात है बहुत देर हो चुकी है भूतनी वापस नहीं आयी। उसकी एक शिष्या को वहां के हालात जानने के लिए भेजा जाय।”

शीमन पाओ के आदेश पर सिपाहियों ने बूढ़ी भूतनी की एक चेली को नदी के पानी में छोड़ दिया। इस तरह एक के बाद एक भूतनी की तीन शिष्याएं पानी में डाल दी गयी।

नदी के तट पर इक्ट्ठे सरकारी अधिकारी, धनी व्यक्ति और भीड़ सबके सब हैरान थे, लेकिन शीमन पाओ सम्मान की मुद्रा में खड़े जल देवता की खबर आने की प्रतीक्षा में था।

थोड़ी देर के बाद शीमन पाओ बोला:“ लगता है जल देवता बहुत मेहमाननवाज है, वह हमारे द्वारा भेजे गए दूतों को लौटने नहीं देते हैं। बेहतर होगा कि खबर लेने के लिए फिर एक व्यक्ति को भेजा जाय।”

कहते हुए शीमन पाओ की नज़र जल देवता की शादी ब्याह के मामले में सक्रिय रहे सरकारी अधिकारियों, धनी और कुलीन लोगों की ओर घूमी। डर के मारे ये लोग तुरंत जमीन पर घुटनों के बल झुक कर शीमन पाओ से क्षमा मांगने लगे। उन्हें डर था कि कहीं शीमन पाओ उन्हें भी जल देवता से मिलने के लिए नदी में तो नहीं फेंक देगा।

इस वक्त शीमन पाओ ने भीड़ को संबोधित करते हुए बुलंद आवाज में कहा:“जल देवता की शादी असल में जिलावासियों से धन दौलत लूटने की चाल है। भविष्य में अगर कोई फिर जल देवता की शादी ब्याह का मामला करेगा, तो उसे नदी में देवता के पास भेज दिया जाएगा।”

इस घटना के बाद ये ती जिले में जल देवता की शादी फिर कभी नहीं हुई और ये ती जिला भी शीमन पाओ के कुशल प्रशासन में सुव्यवस्थित और सुशासित हो गया।

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